NEET UG Paper Leak Big Update: 5 Members of a Single Family Selected via Paper Leak

नीट परीक्षा में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा: एक ही परिवार के 5 सदस्यों ने 25 लाख में पेपर खरीदकर हासिल की सरकारी सीट, अब पूरा गिरोह CBI की गिरफ्त में!

नीट (NEET) परीक्षा की शुचिता पर एक बार फिर गहरा संकट खड़ा हो गया है। हालिया जांच में यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है कि जयपुर के एक ही परिवार ने पिछले साल (NEET 2025) लाखों रुपये देकर पेपर खरीदा था, जिसकी बदौलत आज उस परिवार के 5 बच्चे अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) कर रहे हैं।

25 लाख की डील और 5 सरकारी डॉक्टर

ताजा जांच रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी विकास बिवाल इस पूरे खेल का मुख्य मोहरा बनकर उभरा है। विकास ने गुरुग्राम के यश यादव से साल 2025 में 25 लाख रुपये में पेपर का सौदा किया था।

  • कैसे हुआ खेल: परीक्षा से 3 दिन पहले विकास को पेपर मिल गया था। उसने अपनी सगी बहन और चचेरी बहनों के साथ मिलकर इसे रटा।

  • परिणाम: 14 मई 2025 को आए रिजल्ट में पाँचों भाई-बहनों का चयन सरकारी मेडिकल कॉलेज में हो गया।

  • सच्चाई: विकास के 12वीं में मात्र 55% अंक थे और पिछले प्रयास में उसके केवल 270 नंबर आए थे। पेपर मिलते ही उसका स्कोर जादुई रूप से बढ़ गया।

2026 में भी जारी रहा सिलसिला: अबकी बार ‘ऋषि’ का था नंबर

गिरोह इस साल (NEET 2026) भी उतना ही सक्रिय था। इस बार विकास के चचेरे भाई ऋषि बिवाल के लिए पेपर का इंतजाम किया गया था। ऋषि पढ़ाई में इतना कमजोर था कि वह 12वीं में ग्रेस मार्क्स से पास हुआ था। अगर समय रहते गिरोह नहीं पकड़ा जाता, तो ऋषि भी आज किसी मेडिकल कॉलेज की सीट पर कब्जा जमा चुका होता।

CBI की कार्रवाई: मास्टरमाइंड्स गिरफ्तार

CBI ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए 5 मुख्य आरोपियों को दिल्ली कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:

  1. विकास बिवाल (जयपुर): जिसने पिछले साल पेपर खरीदा और इस साल भी सक्रिय था।

  2. यश यादव (गुरुग्राम): जो पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है।

  3. शुभम खैरनार (नासिक): जिसने पेपर को डिजिटल रूप से फैलाने में मदद की।

  4. मनीषा वाघमारे (पुणे): जिसके बैंक खातों में पेपर लीक के लाखों रुपये जमा हुए।

सुप्रीम कोर्ट से गुहार और NTA पर सवाल

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर NTA की भूमिका की जांच की मांग की है। याचिका में दावा किया गया है कि टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर परीक्षा से पहले ही ‘गेस पेपर’ के नाम पर असल सवाल वायरल हो रहे थे। छात्रों का कहना है कि NTA से अब उनका भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।

23 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर

परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के 23 लाख अभ्यर्थी मानसिक तनाव में हैं। छात्रों का बड़ा सवाल यह है कि “कुछ भ्रष्ट लोगों के लालच की सजा उन लाखों मेहनती बच्चों को क्यों मिल रही है जिन्होंने सालों रात-दिन एक कर दिया?”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top